गुरुवार, 19 मई 2016

हुज़ूर इस कदर भी न इतराया कीजे...



मशहूर अमेरिकी लेखक विलियम फॉकनर ने कहा था, ‘अतीत कभी नहीं मरता। बल्‍कि अतीत होता ही नहीं।’ इतिहास को बदलकर नया ‘परिवर्तन’ लाने के लिए कुवल जुमलों और फिकरों से काम नहीं चलता। इसके लिए ठोस रणनीति की जरूरत होती है। लोकतंत्र में केवल चुनावी जीत ही ऐसी किसी भी रणनीति की कामयाबी का आधार तब तक नहीं बन सकती, जब तक वह अवाम से जुड़े मसलों को हल करने की दिशा में स्‍पष्‍ट न हो। असम में बीजेपी की जीत बेशक इतिहास बन चुकी है, लेकिन इस राज्‍य के अतीत के मसलों को जीत की खुशी में भुला देना बड़ी भूल हो सकती है।

इसकी वजह फिर असम का तीन दशक से भी ज्‍यादा पुराना अतीत है, जिसे बदलने को लेकर केंद्र और राज्‍य की विजयी पार्टियां स्‍पष्‍ट नहीं हैं। दो साल पहले 28 अप्रैल 2014 को प्रधानमंत्री मोदी ने एक रैली में जोर-शोर से कहा था कि 16 मई को सत्‍ता में आने के बाद वे असम में अवैध रूप से रह रहे बांग्‍लादेशियों को वापस उनके देश में खदेड़ देंगे। इस बात का असर यह हुआ कि असम की 14 में से 7 संसदीय सीटें बीजेपी की झोली में आ टपकीं। दो साल हो चुके, पर मोदी का वादा पूरा नहीं हुआ है। अब असम के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत मिली है। हालांकि, इस जीत की इबारत 2014 के लोकसभा चुनाव में ही लिखी जा चुकी थी। कहते हैं दुश्‍मन का दुश्‍मन दोस्‍त होता है। असम में बांग्‍लादेशियों की बढ़ती घुसपैठ ने असम गण परिषद (अगप) की नींव कमजोर की है, सो बीजेपी ने उसे अपना दोस्‍त बना लिया। इसमें कोई शक नहीं कि अमित शाह की ये दोनों रणनीतियां कारगर रहीं। लेकिन न तो बीजेपी और न ही असम गण परिषद वोटरों के सामने राज्‍य के विकास का कोई एजेंडा पेश कर सकी, सिवाय ‘जाति, माटी आरू भाटी (समुदाय, जमीन और जनाधार)’ के। असम में चुनाव प्रचार का नेतृत्‍व हिमांत बिसवास सरमा के हाथों रहा, जो असम गण परिषद से कांग्रेस में गए। हिमांत के पास एक समय 1971 के असम समझौते के क्रियान्‍वयन का मंत्रालय भी हुआ करता था। मुमकिन है कि गोगोई सरकार की इस मामले में अकर्मण्‍यता ने हिमांत को पाला बदलने पर मजबूर किया हो। अब सवाल उठता है कि बीजेपी सत्‍ता में आकर अपने वादे पर अमल कैसे करेगी, खासकर तब जबकि बांग्‍लादेश इस मामले में झुकने को तैयार नहीं है ?

जाहिर है बीजेपी ने अवैध आप्रवासियों के मुद्दे को चुनावी एजेंडा बनाकर एक मुश्‍किल दांव खेला है। इस मामले में केंद्र सरकार की लंबी चुप्‍पी यह बताती है कि असम में अवैध रूप से रह रहे बांग्‍लादेशियों की अव्‍वल तो पहचान आसान नहीं, साथ ही मामले पर जोर-जबर्दस्ती इसे अंतरराष्‍ट्रीय मुद्दा बना सकती है। फिलहाल आसान तो यह भी नहीं लगता कि बांग्‍लादेश जैसे एक दोस्‍ताना राज्‍य के साथ लगती 264 किलोमीटर लंबी सीमा को पूरी तरह से सील कर दिया जाए। पांच साल पहले कूच बिहार के पास 15 साल की एक लड़की को घुसपैठ करते सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने गोली मार दी थी। उसका शव कई घंटों तक वही पड़ा रहा। बाद में बांग्‍लादेश ने भारत के इस कदम को मानवाधिकार उल्‍लंघन बताया। अब ऐसा कोई भी कदम दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है, जिसका असर द्विपक्षीय व्‍यापारिक संबंधों पर भी पड़ेगा और मोदी सरकार यह जोखिम कतई नहीं लेना चाहेगी। अलबत्‍ता बीजेपी और अगप दोनों ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में सीमा सील करने का वादा किया है। सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2014 के आदेश में असम सरकार को जनसंख्‍या रजिस्‍टर को सुधारने का निर्देश दिया है। लेकिन असम के लाखों लोगों के सामने अपनी नागरिकता का प्रमाण दे पाना आसान काम नहीं दिख रहा। इनमें से अधिकांश लोग वे हैं, जो 24 मार्च 1971 की कट ऑफ तारीख से पहले असम में आकर बसे हैं। असम विधानसभा चुनावों में औसतन 80 फीसदी से अधिक मतदान के पीछे का गणित यही है कि देश के विभिन्‍न हिस्‍सों से लाखों लोग केवल इस उम्‍मीद से अपने चुनाव क्षेत्रों में वोट देने पहुंचे कि शायद इससे उनकी नागरिकता का मसला हल हो जाए। हालांकि, यह इतना आसान नहीं होगा। अगर जनसंख्‍या रजिस्‍टर के आधार पर राज्‍य सरकार अवैध आप्रवासियों की पहचान कर भी लेती है तो भी इतनी बड़ी संख्‍या में लोगों को जेलों में नहीं ठूंसा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र सरकार को इस मसले पर बांग्‍लादेश सरकार से बात करनी चाहिए, लेकिन अगर बीजेपी के घोषणा पत्र में वजन डॉक्‍यूमेंट को पढ़ें तो उसमें असमिया युवाओं को एक ऐसी संवादहीन दुनिया के सपने दिखाए गए हैं, जहां पड़ोसियों का कोई वजूद ही नहीं। बर्लिन की दीवार को टूटे 27 साल बीतने के बाद अब दक्षिण एशिया में दो दोस्‍ताना मुल्‍कों के बीच दीवार बनाने की नौबत आ गई है।

हालांकि, ऐसी कोई भी दीवार असम में ‘जमीन और संसाधनों’ को लेकर परस्‍पर मतभेदों को दूर नहीं कर सकती। राज्‍य में बीजपी नीत सरकार के लिए यह फौरी तौर पर सबसे बड़ी चुनौती होगी। यह मसला भी बांग्‍लादेशी आप्रवासियों से ही जुड़ा है और जिसके बारे में राज्‍य की अवाम के बड़े हिस्‍से का मानना है कि यह वहां के मूल निवासियों के रोजगार और विकास के अधिकार को छीन रहा है। बीजेपी को इस मुद्दे पर अपनी नीति स्‍पष्‍ट करनी होगी, क्‍योंकि अमूमन यह राज्‍य में कानून वयवस्‍था का मसला बनता रहा है। असम में 6.75 लाख युवा वोटर हैं और बीजेपी ने उनमें से अधिकांश को अपनी ओर खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अधिकांश शिक्षित युवा वोटरों को बंगाली बोलने वाले असमिया लोगों और बांग्‍लादेशियों में कोई फर्क नहीं दिखता। फिर भी गोगोई सरकार ने राज्‍य में निर्दोष नागरिकों की हत्‍या की वारदातों में कमी लाने में कामयाबी तो पाई ही थी।

बहरहाल, असम में बीजेपी की जीत उसे एक ऐसे जोखिमभरे कांटों के ताज की ओर ले जा रही है, जिसके एक ओर कुंआ और दूसरी ओर खाई है। राज्‍य के भावी मुख्‍यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के लिए हिमांत बिस्‍वास सरमा को उप मुख्‍यमंत्री बनाना एक मजबूरी होगी। दोनों का आधार असम गण परिषद रहा है और दोनों एक-दूसरे को बखूबी जानते भी हैं। ऐसे में निश्‍चित तौर पर बीजेपी के लिए अपने वादे से पलटना आसान नहीं होगा और वादे पर अमल करना भी। बीजेपी को हर कदम सोच-समझकर उठाना होगा, वरना वर्षों तक अशांत रहा असम फिर जातीय हिंसा की चपेट में आ सकता है और अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी को पूर्वोत्‍तर के दरवाजे से ही वापस कदम खींचने होंगे।
(कार्टून साभार: मित्र हरिओम से)

7 टिप्‍पणियां:

jalpa prajapati ने कहा…

Thanks for such very great information. This is the best sites for proving such kinds of good information.Examhelpline.in

jalpa prajapati ने कहा…

such a really amazing information... thank you given to us..
CUSAT CAT Application Form 2017
AP ICET Application Form 2017
HBSE 12th Result 2017
MP SET Admit CArd 2017
careinfo.in
carebaba.com

jalpa prajapati ने कहा…

such a wonderful post sharing with us...thanks.
HBSE 10th result 2017
HPBOSE 10th result 2017
ICSE 10th result 2017
JAC 10th result 2017
JKBOSE 10th Board Result 2017
Karnataka SSLC Result 2017

jalpa prajapati ने कहा…

amazing post thanks a lot sharing with us.
JIPMER MBBS Admit card 2017
UP Urdu Teacher Merit List 2017
MP Vyapam Anganvadi Supervisor Admit Card 2017
BOB Specialist Officer Result 2017
TNTET Admit Card 2017
AIBE Admit Card 2017

jalpa prajapati ने कहा…

this is a good post..thanks
MU OET Slot Booking 2017

ovy shah ने कहा…

Thanks..Sharing with us great information..
JEE Main Result 2017
UPSEE Answer Key 2017
Odisha PST PET Answer Key 2017
UPSSSC Lower Subordinate Services Result 2017
BCCL Junior Overman Admit Card 2017
How to download NEET Admit card on 15th April

eduction exam ने कहा…

such a good post sharing us...thank you.
How to download NEET Admit card 2017 on 22nd April
NEET Admit card 2017
HPBOSE 12th Result 2017